“जब जज़्बात शब्द बनें, तो हर पंक्ति दिल तक पहुँचती है।
— सुनीता कुमारी, बैंगलोर
तिरंगा
हिंद देश का प्यारा झंडा,
झंडा ऊँचा रहे हमारा।
माँ भारती का मान है इसमें,
प्राणों से भी प्यारा हमारा।
केसरिया, श्वेत और हरा—
तीन रंगों की सुंदर धारा,
इनमें बसता देश हमारा,
इनमें भारत का गौरव सारा।
झंडा ऊँचा रहे हमारा।
शीर्ष पर केसरिया रंग,
साहस, शौर्य और त्याग सिखाता,
वीरों के बलिदानों की गाथा,
हर भारतवासी को याद दिलाता।
बीच में श्वेत रंग है इसका,
सत्य, शांति का संदेश सुनाता,
अशोक चक्र के चौबीस तीलियाँ,
निरंतर आगे बढ़ना सिखाता।
नीचे हरा रंग मुस्काता,
धरती की हरियाली दर्शाता,
समृद्धि और नवजीवन का,
सुंदर सपना मन में जगाता।
झंडा ऊँचा रहे हमारा।
सीमा पर जब वीर खड़े हों,
मातृभूमि की रक्षा को,
हँसकर अपना जीवन अर्पित करें,
भारत माँ की सेवा को।
उनके रक्त से सींचा तिरंगा,
कभी न फीका पड़ने पाए,
शत्रु जब भी इसे निहारे,
उसके मन में भय छा जाए।
इसकी आन न जाने पाएँ,
इसकी शान न झुकने पाए,
तन-मन-धन सब अर्पित करके,
हम इसका सम्मान निभाएँ।
झंडा ऊँचा रहे हमारा।
मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा,
सबको अपना मानता है,
जाति-धर्म की दीवारों से ऊपर,
भारत को एक बनाता है।
हर दिल में विश्वास जगाए,
हर मन में सम्मान हमारा,
एकता, अखंडता का प्रतीक,
यह प्यारा तिरंगा हमारा।
माँ भारती की शान है तिरंगा,
भारत का अभिमान है तिरंगा,
जब तक सूरज-चाँद रहेगा,
ऊँचा रहे निशान हमारा।
जय हिंद! जय भारत!
झंडा ऊँचा रहे हमारा!
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युवाशक्ति
हे युवा! तुम हो देश की आन,
तुमसे ही तो है इसकी शान।
तुम ही हो देश का भविष्य और वर्तमान,
तुमसे ही सजेगा भारत का नया आसमान।
उठो, साहसी और वीर जवान,
तुम हो हठी, अडिग—देश की मजबूत लाठी।
भीड़ हो या भगदड़ का मंजर,
तुम बनते हो सबके सच्चे साथी।
नहीं लगता तुम्हें किसी संकट से डर,
तुम्हारे भीतर है साहस अपार।
जागृत कर दो सोए हुए विचार,
अपने कर्मों से बदल दो संसार।
जो गिरकर भी फिर चल देता है,
वही इतिहास बदल देता है।
तुम हो वह ज्वाला, तुम हो वह चिनगारी,
मत भूलो कभी अपनी पहचान।
तुम ही हो समस्याओं का समाधान,
तुमसे ही बढ़ता है राष्ट्र का सम्मान।
जिसने राष्ट्रहित में दिया बलिदान,
जिसने हँसकर दिया लहू का दान—
तुममें बसते हैं भगत सिंह,
खुदीराम बोस और सुखदेव महान।
जिसकी धड़कन में बसता है वतन,
तुम उस देश के हो युवा रतन।
जो संकट में कभी झुके नहीं,
जो देश के लिए कभी रुके नहीं।
जो गिरकर भी फिर चल देता है,
वही इतिहास बदल देता है।
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