“गुल्लक – जीवन को संजोने और संभालने की असली पूंजी”
उत्तम कुमार तिवारी ” उत्तम ” , लखनऊ
सारांश:
यह रचना सिर्फ पैसों वाली गुल्लक की नहीं बल्कि रिश्तों, दोस्ती, विद्या, संस्कार और पुस्तकों जैसे जीवन के अमूल्य “गुल्लकों” की है। लेखक ने अपने अनुभव से बताया कि किस तरह छोटी-छोटी बचत और आदतें जीवन को व्यवस्थित और समृद्ध बनाती हैं। गुल्लक सिर्फ सिक्कों का पात्र नहीं, बल्कि जीवन को संजोने और संभालने का प्रतीक है।आइए विस्तार से जानें जीवन संवारने वाले इस छोटे से खजाने के बारे में—
जैसा कि आप सब जानते है गुल्लक के बारे मे जिसमे हम सब बचपन मे अपने पैसे डालते थे और बचाते थे अपने तीज त्यौहार मे खर्च करने लिए ।
गुल्लक के बारे मे मुझे एक जीवन्त आँखो देखा दृश्य याद आ गया । उसको मै आप सबके साथ साझा करना चाहता हूँ ।
मेरे घर मे एक मेरे किरायेदार थे । जो सायकिल से फेरी लगा कर कुछ सामान बेचा करते थे । उनका बड़ा परिवार था जिसमे चार लड़के और दो लड़किया थी । उनका रहन सहन मे बहुत अच्छा था । सभी बच्चे पढ़ते थे । उनकी पढ़ाई का खर्च , उनके कपड़े लत्ते का खर्च , घर के राशन पानी का खर्च , तीज त्यौहार का खर्च , नातेदारी मे आने जाने का खर्च , शादी विवाह मे लेन देन का खर्च इत्यादि ।
जब महीना पूरा होता था तो वो हमे किराये का पैसा सिक्कों मे और कुछ रुपयों मे देते थे । जिसमे कुछ पाँच के सिक्के , कुछ दस के सिक्के कुछ रुपये दिया करते थे । तो हमने एक बार उनसे पूछ ही लिये कि अंकल आप मुझे ये रेजगारी मे किराया क्यु देते है तो उन्होंने मुझे अपने कमरे मे बुलाया और मुझे दिखाया तो मै आवाक सा रह गया । उनके पास आठ ” गुल्लक ” थे । जिसमे लिखा हुआ था , घर के किराये का , बिजली के बिल का , राशन का , फीस का , दुध का धोबी का , आपातकालीन का और अन्य खर्चे का गुल्लक । मै भौचका हो गया ।
तब उन्होंने मुझे बताया कि जब मै आपना सामन बेच कर आता हूँ तो जो मुझे नफा होता है उसको मे इन्ही गुल्लको मे खर्च के हिसाब से पैसे डाल देता हूँ जिससे मुझे सारे खर्चे मैनेज़ करने मे बड़ी आसानी होती है । मै यह देख कर चकित हो गया और उनकी इस व्यवस्था से मै बहुत प्रसन्न भी हो गया ।
तब मुझे ” गुल्लक ” का महत्व समझ मे आया कि कितने काम का गुल्लक होता है ।
गुल्लक के कई रूप होते है :-
1- धन को रखने वाला गुल्लक जिसकी महत्वता का मैने पहले ही वर्णन कर दिया है ।
2 रिस्तो का गुल्लक :- ये भी गुल्लक बहुत काम का है कि मुझे चाहिए रिस्तो को सभाल के रखना चाहिए । जो बहुत काम आते है समाज मे । इसका सबसे बड़ा उदाहरण है पाण्डव ( महाभारत के )
3- दोस्ती का गुल्लक :- दोस्ती का गुल्लक भी जीवन का सर्वोपरि गुल्लक होता है । अच्छे दोस्तों को भी हमेशा सभाल के रखना चाहिए । दोस्ती हमेशा आपको डिप्रेशन से बचाती है और आपके दुख सुख मे काम आती है । इसका उदाहरण :- कृष्ण सुदामा , श्री राम और सुग्रीव , कर्ण और दुर्योधन इत्यादि ।
4- विद्या का गुल्लक :- अच्छी विद्या को हमेशा सभाल के रखना चाहिए जो आपको जीवन मे कभी दुखी नही रहने देगी ।
5- संस्कारो की गुल्लक :- ये भी गुल्लक बहुत महत्वपूर्ण है । आप अच्छे संस्कार को सजो कर रखियेगा तो समाज मे आपको इज्जत हमेशा मिलेगी और आपका परिवार हमेशा खुशहाल रहेगा ।
6- पुस्तकों का गुल्लक :- जिसको आज हम लाइब्रेरी कहते है ।
ये गुल्लक जीवन का सबसे महत्वपूर्ण गुल्लक है । जब भी आप जीवन मे परेशान हो चाहे आर्थिक , सामजिक , राजनितिक , इत्यादि । तब आप किताब खोले उसमे आपको आपकी समस्त समस्याओ का समाधान मिल जायेगा ।
इसलिए जीवन मे ” गुल्लक का बहुत महत्व है । हमेशा अपने जीवन मे ऐसे ” गुल्लक ” अवश्य रखिये । जीवन अपना सुखमय बनाने के लिये ।
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गुल्लक या डायरी बड़ी काम की चीज होती है।