शिविका झरोखा डॉट कॉम की स्थापना के जुलाई—अगस्त 2025 में 25 महीने पूरे हुए थे। इस विशेष अवसर पर हमने अपने रीडर्स, राइटर्स व शुभचिंतकों से इस विषय पर उनके विवार व अनुभव आमंत्रित किए थे—
”शिविका झरोखा डॉट कॉम से मेरे जीवन में हुए बदलाव”
हमें यह देखकर प्रसन्नता हुई कि इस टॉपिक पर सबने हमारी खूबियों, खामियों एवं खट्टे—मीठे अनुभवों को निस्संकोच व्यक्त किया। हम अभिव्यक्ति की आजादी का सम्मान करते हैं। अत: इन विचारों को ससम्मान और बहुत मामूली—सा एडिट करके प्रकाशित करने जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रत्येक प्रकाशित विचार को भेजने वाले 250 रुपये बतौर प्रोत्साहन राशि पाने के हकदार हो गए हैं। उन्हें यह राशि 30 दिसंबर 2025 तक भेज दी जाएगीं।इस प्रतियोगिता में भाग लेने से लेकर रचना प्रकाशन व प्रोत्साहन राशि अदा करने संबंधी तमाम प्रक्रिया बिलकुल नि:शुल्क रखी गई है। आइए इन विचारों को अब पढ़ें विस्तार से—
3. लेखनी में निखार आया
सुशीला तिवारी, रायबरेली
शिविका झरोखा ,से हम अप्रैल सन चौबीस से जुड़े हुए हैं। शिविका के साथ हमारे लेखन का और हमारा सफर धीरे – धीरे एक साल दो महीने का हो गया है।
इतने कम समय में मेरी रचनाओं को यथोचित सम्मान मिला।
समय – समय पर विशेष लेखन कार्यक्रम आयोजित किए जाते है।
इन चौदह महीनों में शिविका के साथ मेरा बहुत अच्छा सम्बन्ध रहा ,इस शिविका झरोखा पर लिख कर आर्थिक सहयोग मिलने की वजह से लेखन के प्रति और जिज्ञासा बढ़ गई है । अब तो लेखनी में निखार भी आया है।
हमारी लेखनी को लिखने के लिए प्रेरित करता है “शिविका झरोखा” और इसका प्रोत्साहन पैकेज
इस शिविका झरोखा की सबसे खास बात मुझे ये बहुत पसंद आई, कि जब भी कोई समस्या महसूस हुई,
आदरणीया शिखा जी ,द्वारा समस्या का तुरन्त समाधान मिल जाता है ।सीधे और सरलतम शब्दों में बिना किसी लाग-लपेट किए।
बस एक बात से थोड़ा-बहुत दिक्कत होती है जिसका मैंने जिक्र भी किया ,पर शिखा जी ने कहा हम विचार कर रहे हैं,
समस्या ये है कि चेक द्वारा प्रोत्साहन राशि जिसमें एक सौ सत्रह रूपये हर चेक में कट जाते है,ज्यादा की चेक हो तो ठीक है दो सौ की चेक में क्या बचता है ,पर कोई बात नही विचार करियेगा ।
बाकी सब ठीक है,ये हम सबका प्यारा दुलारा,”शिविका झरोखा” नित नयी ऊँचाईयों की ओर अग्रसर रहे,
दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की हरदम करता रहे ।
शिखा जी ,और सभी पाठक वर्ग और सभी लेखक मित्रों को यथोचित नमन ,वंदन, प्रणाम !
(आदरणीय मैडम, आपके तथा कुछ अन्य राइटर्स के अनुरोध पर हमने डिजिटल भुगतान की व्यवस्था की है। इससे चेक का झमेला खत्म सा हो गया है और भुगतान भी तय तिथि के आसपास हो जाता है और इसमें बिलंब नहीं होता।— शिखा तैलंग)
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4. अच्छा रिस्पॉन्स
पल्लवी त्रिपाठी, दुर्ग
मुझे लिखने का बहुत शौक था मतलब अभी भी है पर पहले भी था। पर मुझे ये नहीं पता था कि अपनी कृति प्रकाशित भी की जा सकती है। ब्लॉग्स के बारे में सुना था पर मुझे खुद का ब्लॉग स्टार्ट करना काफी चोंचलेबाजी की तरह लगता था। मुझे फिल्में देखना भी पसंद है और उनके बारे में लिखना भी पसंद है तो मैने फिल्मी साइट्स पर गेस्ट पोस्ट्स किए है पर खुदके कहानी, कविताएं कहा पोस्ट करूं मुझे मालूम ना था। मैं फेसबुक के एक दो ग्रुप्स में अपनी कविताएं, कहानी लिखा करती थी, लाइक्स भी मिल करते थे पर मेरी कृतियां प्रकाशित नहीं हुई थी कभी। एक बार लिंक्डइन में स्क्रॉल करते करते मुझे शिविकाझरोखा के बारे में पता चला। साइट पे जाने पर पता चला ये ना केवल कृतियां प्रकाशित ही करते है बल्कि कृतियों को अच्छा रिस्पॉन्स मिलने पर लेखक को पुरस्कृत भी करते है।
फिर क्या था मैने भी अपनी कलम चलाई और लिखने लगी कहानियां, कविताएं। वैसे मेरी ज्यादातर कृतियां अंग्रेजी में होती है पर फिर भी उसपे अच्छा रिस्पॉन्स मिलने पर मुझे कभी 200, कभी 400 और मार्च 2025 में तो 1300 राशि मिली। मेरी तो खुशी दोगुनी हो गई मैने तो सिर्फ प्रकाशन की दृष्टि से लेख लिखे थे पर जब उसके एवज में धन राशि मिली तो और भी अच्छा लगा। मैने तो उसको sip कर ली। अभी सैर सपाटा अंक के लिए मैने एक वीडियो भी बनाया जो कि मैने AI की मदद से बनाया था, कहानी तो मेरे जीवन की ही थी पर उसे सुनाने वाला अवतार AI जनरेटेड था।
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5. लेखकों का अपना ठिकाना
हेमन्त पटेल, भोपाल
शिविका झरोखा डॉट कॉम की स्थापना के 25 माह पूरे होने पर लख—लख बधाइयाँ…
एक लेखक के तौर पर – शिविका झरोखा डॉट कॉम – ने मेरी पहचान को व्यापक बनाया है।
कहने को यह ‘झरोखा’ है, लेकिन ‘घरौंदे’ का काम किया है।
जैसे पक्षी को घोंसले में पहुँच कर ही चैन मिलता है। हम जैसे लेखकों के लिए यह अपना ठिकाना है।
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6. हिन्दी प्रेमियों को अवसर
सुनीता कुमारी, बेंगलुरू
यह जानकर बहुत खुशी हुई कि शिविका झरोखा डाट काम सिल्वर जुबली मनाने जा रहा है।
इस वेबसाइट के माध्यम से छोटे -छोटे साहित्यकारों, जो हिन्दी से प्रेम करते हैं, और हिन्दी में, अपनी लेखनी के माध्यम से समाज में संदेश देना चाहते हैं ,उनकी अभिव्यक्ति को आपने इज्ज़त दी है,अवसर प्रदान किया है । यह बहुत ही अच्छा वेबसाइट है । यहाँ हम जैसे छोटे कलाविध को हमेशा ईमेल के जरिए हमेशा लिखने के लिए प्रोत्साहन मिलता रहा है। कोई भी व्यक्ति अपनी प्रतिभा को आपके वेबसाइट के माध्यम से समाज तक, लिखकर पहुँचा सकता है ,अपनी कला को समृद्ध कर सकता है । आप मेरी सभी कविताओं जैसे-
माँ तुम अमर हो,
मांँ की पीड़ा,
झाँकी हिंदुस्तान की,
बच्चों के विकास में पर्यटन का महत्व ,
आदि रचनाओं को सम्मलित किया और लिखने के लिए प्रेरित किया इसके लिए धन्यवाद,आगे ईश्वर से मंगल कामना करती हूँ कि आपका वेबसाइट का और विस्तार हो ।
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7. अंतरराष्ट्रीय स्तर तक राइटर्स को पहचान
पंकज शर्मा “तरुण “, मंदसौर (म. प्र.)
सर्वप्रथम तो शिविका झरोखा डॉट कॉम को पच्चीस माह पूर्ण होने पर हार्दिक शुभकामनाएं।
शिविका झरोखा डॉट कॉम पर साहित्यिक रचनाओं को एक अच्छा मंच प्रदान किया जाता है तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक लेखक साहित्यकारों को पहचाना मिलती है। इसके अतिरिक्त रचना के पसंद के आधार पर पुरस्कार राशि भी प्राप्त होने का अवसर प्राप्त होता है। मुझे इस मंच का यह सबसे अच्छा गुण लगता है।