“रामभावना से विश्वशांति तक — भारत की नई दिशा, मानवता का नया उजास।”
श्यामकांत देशपांडे, नागपुर
अयोध्या के राममंदिर में मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि, 25 नवंबर 2025 के अभिजीत मुहूर्त में भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह पर्व के पावन अवसर पर भव्य ध्वजारोहण किया गया। इस ध्वज पर सूर्य, ॐ और कोविदार का वृक्ष अंकित है, जो सनातन धर्म की आध्यात्मिक परंपरा तथा भगवान श्रीराम के राजवंशीय मूल्यों का प्रतीक है।
सूर्य का पूर्व से उदय एक शाश्वत प्राकृतिक सत्य है—हम पूरबवासी हैं और अनंतकाल तक रहेंगे। यहीं से हमारे संस्कारों की पहली पाठशाला आरम्भ होती है, जिसे हम जीवनभर भूल नहीं पाते। हमारे संस्कार हमें स्वभाव से शांत रखते हैं, परंतु आक्रमण की स्थिति में हम उतने ही साहसी, युद्धकुशल और बुद्धिमान सिद्ध हुए हैं।
ईश्वर की कृपा से यह देश सदैव अपने नागरिकों के स्थिर और प्रगतिशील जीवन को प्राथमिक लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ता रहा है।
युगों से आक्रांताओं द्वारा समाज को विभाजित करने हेतु फैलाए गए जातिगत चक्रव्यूह ने कभी-कभी हमें आंशिक रूप से प्रभावित किया, किंतु यह धरती कभी किसी विभाजनकारी शक्ति के सामने स्थायी रूप से नहीं झुकी।
पोरस से लेकर स्वातंत्र्यवीर सावरकर तक असंख्य वीरों ने सांस्कृतिक स्वतंत्रता, विचारों की आज़ादी और सनातन धर्मभाव की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति दी। इन्हीं मूल्यों से उपजता है—विश्वशांति का मार्ग, जिसमें सहिष्णुता, विश्वव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन की चिंता और सार्वभौमिक विकास की भावना शामिल है।
इसी सनातन मूलधारा को पुनर्स्थापित करने का प्रथम चरण था 22 जनवरी 2024 को अयोध्या राममंदिर में सम्पन्न हुई प्रभु श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा।
क्रमश:
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श्यामकांत देशपांडे : एक परिचय
नाम : श्यामकांत पुरुषोत्तम देशपांडे
जन्म : 10 सितंबर 1949, नागपुर (ग्राम – निम्बोली, विदर्भ)
शिक्षा :
- डिप्लोमा मेकेनिकल, एस. वी. जी. पी., भोपाल
- बी.ए., इग्नू (अँग्रेज़ी साहित्य)
- एम.ए., अँग्रेज़ी साहित्य, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय
कार्यक्षेत्र :
- शमा फोर्ज (भोपाल)
- कनोरिया हेकॉक सैंडरसन (नागपुर)
- सहायक यंत्री (मेकेनिकल, खनन)
- लो.स्वा. यांत्रिकी, मध्यप्रदेश
सेमिनार :
- यूनिसेफ़ (भुवनेश्वर)
- केरला वाटर अथॉरिटी (तिरुवनंतपुरम)
- तमिलनाडु वाटर एंड ड्रेनेज बोर्ड (चेन्नई)
- किर्लोस्कर क्यूमिंस (पुणे)
- एटलस कोप्को (मुंबई)
- इंगर्सोल रैंड (ग्वालियर)
मध्यप्रदेश की ओर से अंतरराष्ट्रीय कम्पनियों के सेमिनारों में उद्घोषणा एवं अन्य कार्यक्रमों का संचालन।
आकाशवाणी से जल-संग्रहण विषय पर व्याख्यान।
सामाजिक कार्य :
- (भूतपूर्व) मालवा प्रांत व्यवस्था प्रमुख, विवेकानंद केंद्र, कन्याकुमारी
- नगर प्रमुख, वृ. म. मंडल, दिल्ली
- उपाध्यक्ष, महाराष्ट्र मंडल, खंडवा
- सचिव, वृ. म. पंचायती धर्मशाला ट्रस्ट, ओंकारेश्वर
- योग शिक्षक, सोनेटोरा क्लब, फ़ीनिक्स, अमेरिका
- उपाध्यक्ष, मध्यप्रदेश यांत्रिकी संघ, भोपाल
- “संवाद” विषय पर अनेक शिक्षण संस्थानों, सामाजिक समूहों, महाविद्यालयों, शासकीय विभागों एवं विश्वविद्यालयों में कार्यशाला आयोजन
- अतिथि सदस्य, एरिज़ोना राज्य पुस्तकालय
- अपंग विद्यालय एवं सरस्वती विद्यालय में अँग्रेज़ी शिक्षक
साहित्य एवं अन्य लेखन :
- डॉक्टर श्रीराम परिहार की पुस्तक “झरते फूल हरसिंगार के” का अँग्रेज़ी अनुवाद — “स्कैटर्ड वर्सेज” (अमेज़ॉन पर उपलब्ध)
- स्वदेश (इंदौर), विवेक (मुंबई), यश (ग्वालियर), अक्षत (नई दिल्ली), सर्वोत्तम, माय मराठी—इन पत्रिकाओं में नियमित लेख प्रकाशन
- पुस्तक “सनातन धर्म” (अप्रकाशित)
पुरस्कार :
- जीवन गौरव पुरस्कार, वृ. महाराष्ट्र मंडल, नई दिल्ली—आदरणीय लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन द्वारा, 16 अक्टूबर 2019 (बड़ोदा)
- प्रतिभा सम्मान, विश्व ब्राह्मण समाज—आदरणीय राज्य मंत्री (म.प्र.) श्रीमती अर्चना चिटनिस द्वारा प्रदत्त