“मौसम नहीं, समाज का आईना भी है गरमी!”
यशवन्त कोठारी,जयपुर
गरमी के दिन । सडी गरमी के दिन । पसीने के दिन । लपलपाती लू के दिन । उफ! ये गरमी के दिन । कौन चाहता है गरमी । लेकिन हर एक को सताती है गरमी । काश गरमी के दिन जल्दी बीत जाये । बारिश आये ।
जेठ की गरमी के सामने आबाल वृद्व नत मस्तक । तेज लू के थपेडे । उूपर से आग बरस्ज्ञाती है इच्छा होती है केाई ठण्डी छांव मिल जाये कहीं एक लोटा मटके का ठण्डा़ पानी मिल जाये । किसी पनघट के किनारे पर दो मिनट सुस्ताने को मिल जाये । मगर हाय गरमी । पंछी तक घोसलों से निकलने की हिम्मत नहीं करते । सड़के सुनसान ,बाजार बियाबान । ऐसी गरमी । वैसी गरमी । गरमी के किस्से थर्मामीटर से उछल उछल कर बाहर आते । बतियाते । थर्मामीटर में छुप जाते । कुछ के लिए हाय गरमी । कुछ के लिए वाह गरमी और कुछ के लिए आह गरमी । कहते है गरमी तो ए.सी. वालो के लिए । ए.सी. मकान से निकले,ए.सी. कार में बैठे और ए.सी. दफतर में जम गये । यात्रा करनी पडी़ तो ए.सी. रेल । ए.सी. बस ।ए.सी. प्लेन । कहॉं है , गरमी । मुझे तो नहीें लगती ,एक उधोगपति ने कहा था मुझे ।
मजदूर ,किसान ठेलेवाले ,रिक्शे वाले ,सब्जी वाले से पूछो गरमी । उसे लगती है गरमी ,वो भुगतता है गरमी को । गरमी को ओढता है । बिछाता है खाता और पीता है ।छाछ-राबडी के लिए भी तरस जाता है गरमी में गरीब । गरीब की गरमी अलग । अमीर की गरमी अलग । अमीरी की गरमी प्राकृतिक गरमी को मात दे देती हैं ।
गरमी की सुबह क्या और गरमी की साझं क्या । सुबह कुछ घूमने वाले बड़े बुजुर्ग जल्दी उठ कर पार्क में चले जाते है । ष्शाम को लड़के क्रिकेट खेलने लग जाते । लड़कियां फूलों को देखकर गरमी में भी खिलखिलाने लग जाती है और महिलाएं बतियाने ें लग जाती हैं । गरमी में फूलों का बड़ा सहारा होता है यदि पानी की इफरात हो तो कोठी में रेन ड़ांस का आयोजन हो जाता है। लोन में ठण्डे पानी का छिड़काव कर नेता-अफसर , उधोगपति नई कोठी की योजना बनाने लग जाते है। गरमी में नई कोठी की कल्पना बडी ठण्डक देती हैं।
गरमी के दिनों में रिसोर्ट ,फार्म हाउूसों के क्या कहने । घूमने फिरने का आनन्द आ जाता है। पैसा पूरा हो तो गरमी के दिन पहाडों पर झरनों और झीलों के किनारे काटे जा सकते है। गरमी के दिन हो डल झील में शिकारा हो और कश्मीर की वादियों का नजारा हो तो गरमी क्यों सताये । मगर सब की किस्मत ऐसी कहा ंहोती है ?
क्रमश:
.
No Comment! Be the first one.