लेखिका: शिखा तैलंग (भोपाल )
“सिक्कों में छुपी है इतिहास की कहानी और धन कमाने की निशानी!“
सारांश :
सिक्का संग्रह सिर्फ शौक नहीं, बल्कि एक सुरक्षित निवेश है। प्राचीन और दुर्लभ सिक्के इतिहास, कला और संस्कृति का खजाना होने के साथ-साथ समय के साथ बड़ी कमाई का जरिया भी बनते हैं। जानें कैसे सिक्के आपके लिए दौलत और ज्ञान दोनों ला सकते हैं।
आइए सिक्का संग्रह की दुनिया और दुर्लभ और प्राचीन सिक्कों के महत्व की जानकारी पाइए इस लेख के माध्यम से –
ऐतिहासिक स्थलों की खुदाई से मिले सिक्कों की कीमत अच्छी खासी होती है. ऐसे सिक्कों की खरीद-बिक्री में देश के मौजूदा नियम-कानूनों का भी ध्यान रखना होता है. यह भी देखें कि वे कितने विश्वनीय स्रोत से मिल रहे हैं. नकली सिक्कों से दूर ही रहें.
दुर्लभता: यदि कोई सिक्का आसानी से उपलब्ध है और बड़ी मात्रा में मिल रहा है तो उसे निवेश के लिहाज से संग्रहीत नहीं करें. यदि किसी सिक्के के एक हजार से भी ज्यादा नग उपलब्ध हैं तो उसे दुर्लभ सिक्कों की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता है. यदि किसी सिक्के की ढलाई में टकसाल से कोई गलती हुई है तो उसका संग्रहण करने से अच्छा लाभ मिलता है.
महत्व: हर सिक्के का अपना-अपना महत्व होता है. कोई सिक्का रोजमर्रा में इस्तेमाल के लिए जारी होता है. तो कुछ सिक्कों को विशेष अवसरों पर जारी किया जाता है. जैसे: चंद्रमा पर इंसानी कदम रखने के उपलक्ष्य में अमेरिका द्वारा जारी किया गया ‘लैंडिंग ऑन मून’ अंकित सिक्का. इसी तरह भारत की आजादी के 25 वर्ष तथा 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में जारी किए गए खास स्मारक सिक्के भी उपयोगी हैं. इनकी क्वालिटी भी अच्छी होती है और खरीद बिक्री की कीमत भी. अफवाहों व अंधविष्वासों से जुड़े सिक्के भी कमाई का अच्छा जरिया साबित होते हैं. जैसे: सूर्य-कमल अंकित 20 पैसे के सिक्कों में सोना होने की अफवाह उड़ी थी जबकि ये मिश्रित धातुओं के थे. लेकिन सोना होने की अफवाह के कारण लोगों ने इनकी जमकर होर्डिंग की और इन्हें बड़ी मात्रा में गला दिया गया. इससे इनकी कीमत सामान्य से बहुत ज्यादा मिलती है.
धातु: सिक्का संग्रह ऐसी हॉबी है जिसे हर कोई अपनी आर्थिक स्थिति के अनुरूप अपना सकता है. यदि सिक्का सोने का है तो सामान्यतः उसकी कीमत सोने की मौजूदा कीमत से भी अधिक होती है और यदि वह दुर्लभ है तो सोने पर सुहागा की कहावत चरितार्थ होती है. चांदी, कांस्य एवं तांबे के सिक्कों के साथ भी यही बात लागू होती है. हालांकि धातु विषेष के सिक्कों में निवेश करते समय यह जानकारी रखना आवश्यक होता है कि उनकी शुद्धता कितनी है और वह कितना प्राचीन है? जैसे गुप्त वंश के शासकों द्वारा चलाए गए सोने के सिक्के अब दुर्लभ से बेहद दुर्लभ श्रेणी में माने जाते हैं और इनकी कीमत लाखों रुपयों में जाती है.
क्वालिटी: यदि सिक्के पर अंकित चिन्ह, चित्र, भाषा आदि आसानी से देख-पढ़ सकते हैं और उस पर दाग-धब्बे नहीं हैं तो उसकी कीमत सामान्य सिक्के से कहीं अधिक होती है. यदि आपके पास कोई ऐसा सिक्का है जो टकसाल में ढाले जाने की अवस्था का है तो उसे संग्रहीत करना लाभ का सौदा रहता है. मौजूदा समय के प्रूफ सिक्के एवं अपरिचालित किस्म के सिक्के संग्रह करने के लिहाज से बहुत उपयुक्त होते हैं. प्रूफ तथा अपरिचालित सिक्कों को जारी करने से पहले टकसालें विज्ञापन निकालती हैं. इन सिक्कों को बेहतरीन पैकिंग में टकसाल एवं अन्य विवरणों के साथ बुकिंग कराने वालों को उपलब्ध कराया जाता है. बहुत पुराने सिक्कों पर बने अंकनों का साफ दिखना बहुत मुश्किल होता है. फिर भी उन्हें सावधानीपूर्वक और उचित उपाय अपनाकर साफ किया जा सकता है.
क्रमशः