नीलिमा तैलंग, पन्ना (मध्य प्रदेश)
हाशिया शब्द को अगर परिभाषित किया जाए तो इस का अर्थ होता है महत्वहीन या जिसके बिना भी काम चलाया जा सके।हाशिया कॉपी के पेज में छोड़ा हुआ वह स्थान होता है जो सिर्फ क्रमांक आदि लिखने के काम में आता है ।वह अपने आप में खूबसूरत और उपयोगी होते हुए भी महत्वहीन समझ लिया जाता है ।
आज कविता स्वयं को अपमानित महसूस कर रही थी ।उसे स्वयं पर क्रोध आ रहा था ।वो जितना भी इस विषय में सोच रही थी उतना ही स्वयं को दोषी पा रही थी ।आखिर उसने ऐसा कैसे सोच लिया ??
वह कैसे किसी की पसंद बन सकती है ??
बिना स्वार्थ कोई उसको क्यों पसंद करेगा ??
जीवन में हुए अनेकों कटु अनुभवों के बाद भी उस से इतनी बड़ी भूल कैसे हो गई??
चालीस वर्षीय कविता एक प्राइवेट कंपनी में उच्च पद पर कार्यरत एक स्वाभिमानी स्त्री थी ।कंपनी की ओर से ही उसे रहने के लिए एक फ्लैट मिला हुआ था । कविता के पति की मृत्यु विवाह के दो वर्ष बाद ही एक कार हादसे में हो गई थी । एक बेटा था जो विदेश में पढ़ रहा था ।पति की मौत को वर्षों बीत जाने के बाद भी कविता कभी पुरुषों की तरफ आकर्षित नहीं हुई थी क्योंकि वह इस संसार की हकीकत से परिचित थी ।वह जानती थी कि एक स्त्री के लिए उसका पति ही सब कुछ होता है ।अन्य पुरुष बिना स्वार्थ के किसी भी लड़की या महिला से मेल जोल नहीं बढ़ा सकते ।
कविता अपने फ्लैट में अकेली रहती थी ।
उसे लिखने का भी शौक था ।फेस बुक के कुछ ग्रुपों में वह अपनी कविताएं, कहानियां भी पोस्ट करती रहती थी।कुछ पत्र पत्रिकाओं में उसकी कहानियां प्रकाशित भी हो चुकी थीं ।
दिनभर ऑफिस और रात को अपने लिखने के शौक के साथ कविता का जीवन तनाव मुक्त और खुशहाल गुजर रहा था ।
पिछले कुछ दिनों से वह नोटिस कर रही थी कि फेस बुक पर उसकी पोस्ट पर एक व्यक्ति के बहुत अच्छे कमेंट आ रहे हैं ।पहले तो उसने उन कमेंट्स पर कुछ खास ध्यान नहीं दिया किंतु कमेंट्स इतने अच्छे होते थे कि वह उन कमेंट्स पर रिप्लाई किया बिना न रह सकी ।कुछ दिनों बाद एक दिन कविता को उस व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट भी आ गई ।एक दो दिन सोचने के बाद और पोस्ट पर आए साफ सुथरे कमेंट्स को देखते हुए कविता ने रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट कर लिया ।
कमल कुमार एक सुलझे हुए विचारों के हंसमुख व्यक्ति थे और एक मल्टीनेशनल कंपनी के डायरेक्टर थे। जिस प्रकार कविता कमल कुमार के लेखन शैली से प्रभावित थी शायद उसी प्रकार कमल कुमार भी कविता के विचारों और लेखन से प्रभावित थे ।
अब धीरे धीरे दोनों आपस में फोन पर देर तक बातें करने लगे ।
क्रमश:
रोमांचक लेखन